Submission 3514

कौन हूं मै

Submitted By: RUBINA TIPUSULTAN MULLA

----------------------------------

मांँ के आँचल में पली हूं मैं । पिता के गोदी में खेली हूं मै । जिसे समाज ने नकारा वही हूं मै । फिर भी किसी से हारी नही हूं मै । दुनियां ने जिसे कमजोर समझा वही हूं मै । बन के माँ-बाप के आंखों का सितारा फिर भी खड़ी हूं मै । दुनियां में आने से पहले दम घुट जाएं जिसका वही हूं मै । लेकिन, बिना मेरे अस्तित्व ही नही किसिका वही हूं मैं । मै सोचती रहती हूं की कौन हूं मै । कोई मुझे बोझ समझ कर बेच देता है वही हूं मै । तो कोई मुझे दहेज के साथ खरीद लेता है वही हूं मै । देकर एक मौका तो देख लेते की कौन हूं मै। मेरे माँ-बाप का गुरुर हूं मै । इस दुनिया का अस्तित्व हूं मै । जलती हुई मशाल हूं मै ।

----------------------------------

Reg ID: BF25-5754

Please Note - You can vote only Once. If you have already voted - the voting will be disabled automatically by the system.

142
Votes
1,214
Views
9 Months
Since posted

VOTING Closed on Nov 30, 2025!

Scroll to Top