दोस्ती
Submitted By: Ravi Prakash Keshari
----------------------------------
दोस्ती एक फर्ज है हर दर्द का मर्ज है, निभा लो यारों हर पल इसको यही जीवन का कर्ज है। दुख को सुख में बदले हर ग़म को झट से पीले, मित्रता धरा में सबसे सुंदर हर दिन इसको जी ले। साथ निभाए हंसते-हंसते जीवन को जोभी हो रस्ते, मित्र अगर हो साथ दोस्त तो हर सौदे हैं सस्ते।
----------------------------------
Reg ID: BF25-5592
Please Note - You can vote only Once. If you have already voted - the voting will be disabled automatically by the system.