Submission 3355

नारी शक्ति तुम्हारा जयजयकार|

Submitted By: Lochan Manohar Bhagat

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नारी शक्ति तुम्हारा जयजयकार, नारी शक्ति तुम्हारा आदर, नारी शक्ति तुम्हारा जागर, नारी शक्ति तुम्हारा जयजयकार||1|| तेरा सामर्थ्य,तेरी ताक़त जग में गूंजे, तेरे बिना सच्चा अस्तित्व कहाॅं?||2|| जब तू पत्नी बनकर सहचर्य निभाती है, तब राम की सीता बन जाती है||3|| जब तू स्नेह की सखी बन जाती है, तब तू प्रार्थना की राह बन जाती है||4|| जब तू पुत्र की माता बन जाती है, तब तू शिवबा की जिजाऊ बन जाती है||5|| जब तू भगिनी बनकर बहन बन जाती है, तब तू ज्ञानोबा की मुक्ताई बन जाती है||6|| जब तू समाज के लिए झटती है, तब ज्योतिबा की सावित्री बन जाती है||7|| किया तुमने असरों का संहार, हाथ में लेकर त्रिशूल नि तलवार ||8||

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Reg ID: BF25-5687

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