Submission 2972

बाद के लिए

Submitted By: Pratibha Mudliar

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बाद के लिए नहीं रखना कुछ भी। बाद में चाय ठंडी हो जाती है दूध पर मलाई जमती है रोटी भी नरम नही रहती। बाद में मुड़ बदल जाता है नज़रिया बदल जाता है हम भी बदल जाते हैं। बाद में आँसू सूख जाते है उम्मीद टूट जाती है अहसास भी सूख जाते हैं। बाद में वक्त चला जाता है उम्र निकल जाती है विस्मृति भी आ धमकती है। बाद के लिए कुछ नहीं रखना है। वक्त पर कह दे सब बाद में वक्त नहीं रहता है।

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Reg ID: BF25-5510

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