ज़िंदगी क्या है?
Submitted By: Dr. Huzefa Jalali
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ज़िंदगी अगर एक दर्द है, तो दर्द ही सही सह लेंगे थोड़ा आज, थोड़ा और कभी। ज़िंदगी अगर प्यार है, तो प्यार ही सही कर लेंगे थोड़ा ख़ुद से, थोड़ा औरों से भी। ज़िंदगी अगर एक ख़्वाब है, तो ख़्वाब ही सही जी लेंगे थोड़ा थोड़ा, जगना तो है ही कभी न कभी। ज़िंदगी अगर एक फूल है, तो फूल ही सही महक जाएंगे दिन, चाहे हो मोगरा, गुलाब या चमेली। ज़िंदगी अगर एक किताब है, तो किताब ही सही न पसंद आए तो पलट देंगे पन्ना तब ही। ज़िंदगी अगर एक उम्र है, तो उम्र ही सही कटेगी जब तक है जान, मरना तो किसी दिन है ही। ज़िंदगी अगर एक परीक्षा है, तो परीक्षा ही सही सफल तो जन्नत, वरना खुदा रहमान है, है क्या नहीं?
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Reg ID: BF25-5457
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