Submission 2005

मैं हु नारी शक्ति

Submitted By: Annpurna.p.Bhandage.

----------------------------------

सुंदरता से भरी हूं मैं ,उस शक्ति की छवि हूं मैं हां मैं गंगा हूं मैं जमुना हूं ,मैं गोदावरी और कावेरी हूं मैं उसे शक्ति की छवि हूं । अग्नि जैसे आंखें मेरी, तीर जैसा जुबान है शीतल जैसी फिरती हूं मैं हां मैं उसे शक्ति की छवि हूं मैं। निर्मल जैसा मन मेरा श्वेत स्वरूप नीर हूं मैं लहरे जैसे बाल मेरे नागिन जैसी चाल है उस शक्ति की छवि हूं मैं क्रोधित में मैं रूद्र रूपिणी प्रेम से में शांत रूपिणी हां नारी हूं मैं हर रूप में ,मां शक्ति कि मैं स्वरूप ने हां मैं उसे शक्ति की छवि हूं मैं

----------------------------------

Reg ID: BF25-5149

Please Note - You can vote only Once. If you have already voted - the voting will be disabled automatically by the system.

14
Votes
173
Views
11 Months
Since posted

VOTING Closed on Nov 30, 2025!

Scroll to Top