मैं हु नारी शक्ति
Submitted By: Annpurna.p.Bhandage.
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सुंदरता से भरी हूं मैं ,उस शक्ति की छवि हूं मैं हां मैं गंगा हूं मैं जमुना हूं ,मैं गोदावरी और कावेरी हूं मैं उसे शक्ति की छवि हूं । अग्नि जैसे आंखें मेरी, तीर जैसा जुबान है शीतल जैसी फिरती हूं मैं हां मैं उसे शक्ति की छवि हूं मैं। निर्मल जैसा मन मेरा श्वेत स्वरूप नीर हूं मैं लहरे जैसे बाल मेरे नागिन जैसी चाल है उस शक्ति की छवि हूं मैं क्रोधित में मैं रूद्र रूपिणी प्रेम से में शांत रूपिणी हां नारी हूं मैं हर रूप में ,मां शक्ति कि मैं स्वरूप ने हां मैं उसे शक्ति की छवि हूं मैं
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Reg ID: BF25-5149
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