मोहब्बत की मिसाल
Submitted By: Azlan attar
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एक ऐय्याश बादशाह था, जिसे दौलत और ताक़त विरासत में मिली, ज़िंदगी भर कुछ ख़ुद नहीं बनाया, और आज दुनिया उसकी मोहब्बत की मिसाल देती है। साथ थी उसकी बीवियाँ, दरबार में हर रोज़ रसक ये तवायफ़ होता, जंगों में जीती औरतों का अलग ही हिसाब था, और आज दुनिया उसकी मोहब्बत की मिसाल देती है। अपने खुद के बच्चों से नफ़रत थी उसे, ताज और ख़ज़ाना उनके नाम करने से बेहतर, उसने फ़ैसला किया एक इमारत खड़ी करे, और आज दुनिया उसकी मोहब्बत की मिसाल देती है। बीस साल, और सल्तनत का सारा ख़ज़ाना, लग गया एक ताज महल को बनाने में, और फिर लिखवा दिया – "शाहजहां ने अपनी मुमताज़ की याद में बनाया है यह महल।" और आज दुनिया उसकी मोहब्बत की मिसाल देती है।
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Reg ID: BF25-5028
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