भारतीय वीर सैनिक
Submitted By: Mrs Bhavana Ganesh Vernekar
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तूफ़ानों में भी अडिग खड़ा, आशा का दीप, सबका सहारा। निडर हृदय, दृढ़ थे हाथ, माँ-भूमि के सपनों का रखवाला साथ। जहाँ गूँजा था ख़तरे का शोर, वहाँ न भागा, बना वह गौर। साहस की गाथा लिख दी अमर, जीवन–मृत्यु के बीच चला निर्भय पथिक पर। न नाम के लिए, न मान के लिए, केवल कर्तव्य–प्रेम की ज्वाला लिए। स्वर्णिम नभ में इतिहास कहे, सच्चा वीर कभी नहीं मरे।
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Reg ID: BF25-5573
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