सुदर्शन समय का चक्र
Submitted By: Daneshwari Kallappa Pujari
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कृष्ण का चक्र था धर्म का आधार, सत्य की रक्षा, अधर्म का संहार। आज भी धरा पर कौरव हैं छाए, झूठ के महल अंधकार फैलाए। द्रौपदी रोरही है न्याय के द्वार , कानों में गूंजे बस मौन पुकार। लोभ की नदियाँ बहती निरंतर, सत्य की ज्योति हुई क्यों मंदतर?? कहाँ है वो हस्तिनापुर का दीप?? कहाँ है वो शंखनाद का सीप ?? हर मन में कृष्ण को फिर जगाओ, अन्याय के किले को राख बनाओ। सुदर्शन चक्र अब मन में घुमाओ, भारत को फिर से धर्मराज बनाओ।
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Reg ID: BF25-5306
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