Submission 1551

माँ

Submitted By: Geeta Jain

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मुझे मेरी माँ ने सिखाया की कोई अबला सबला नहीं होता, मुझे माँ ने बताया की पुरूष भी कमज़ोर होता है उसे भी विश्वास प्रेमं की ज़रूरत होती है हर उम्र मे, मुझे माँ ने बताया की स्त्री और पुरूष के बीच अंतर नहीं होता, एक स्त्री को चाहिए की जब वक्त आये तो मजबुत चट्टान के जैसे अडिग रहे और जीवन भर चलती रहे . एक स्त्री कमज़ोर तभी होती है जब वो प्रेमं बहाव मे होती है अन्यथा एक स्त्री बहुत मजबुत होती है मन से भी और तन से भी और माँ ने बताया की तुम बहुत आगे जाना, कभी ना मुरजाना अपनी गलतियो से सीखना और मुस्कराते हूए चलते जाना 😇✍✍ मुझे हर दिन स्त्री का दिन लगता है.

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Reg ID: BF25-5052

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