Submission 3530

नवंबर की पहली बारिश

Submitted By: Roshan Jahan

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नवंबर की वे पहली पहली बारिश सर्द मौसम कुछ और सर्द हो गया।। तेरा वस्ल याद आया तेरे हिजर से पहले पहले मुस्कुराया दिल फिर अब दर्द हो गया।। यादों की गलितारियो मे तुझे ढूंढना चाहा चेहरा तेरा दिखा, मगर आईना गर्द हो गया।। इक तुम तो मुझे छोड़ के जाने की न सोचो यों तो माना के बेवफा दुनिया का हर इक फर्द हो गया

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Reg ID: BF25-5761

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